मोहेंजोदड़ो से आधुनिक स्मार्ट विलेज तक
प्रस्तुत पुस्तक (प्रोजेक्ट) का विचार सबसे पहले भारत की सिंधु घाटी सभ्यता के प्राचीन शहर मोहनजोदड़ो से लिया गया है। मैंने 10 साल की कठिन परिश्रम से निर्माण किया है और इसके लिए मैंने मध्य प्रदेश के कई गांव का भ्रमण किया व वहां की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के बारे में गहन विचार करने के बाद इसका निर्माण किया है।
यह प्रोजेक्ट भारत में शहरीकरण को बढ़ावा देगा इस प्रोजेक्ट पर अगर सरकार अमल करें तो भारत की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है जैसे शिक्षा बेरोजगारी गरीबी भूमि अधिग्रहण आदि कई समस्याओं का समाधान इस विचार से हो सकता है।
इस प्रोजेक्ट से भारत अपनी पूर्व स्थिति विश्व गुरु की प्राप्त कर सकता है विश्व में एक आर्थिक महासक्ति के रूप में अपने को प्रस्तुत कर सकता है।
राह भारत को विश्व गुरु बनाने की
मोहेंजोदड़ो से स्मार्ट विलेज तक की सोच
स्मार्ट विलेज की अवधारणा के पीछे भारत की प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता और उसके योजनाबद्ध नगर मोहेंजोदड़ो की व्यवस्था से प्रेरणा लेने का विचार है।
मोहेंजोदड़ो लगभग 2600–1900 ईसा पूर्व के बीच विकसित एक प्राचीन नगर था। इसकी विशेषताओं में योजनाबद्ध नगर व्यवस्था, सीधी सड़कें, कुएँ, जल निकासी व्यवस्था, विकसित नालियाँ और व्यवस्थित बस्ती का उल्लेख मिलता है।
आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताएँ बदल गई हैं। आधुनिक गाँव में सड़क, जल व्यवस्था, स्वच्छता, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सुविधाएँ, कृषि, व्यवसाय और रोजगार जैसी अनेक आवश्यकताएँ हैं।
इसीलिए प्राचीन भारत की व्यवस्थित सोच को आधुनिक तकनीक और वर्तमान ग्रामीण आवश्यकताओं के साथ जोड़कर “स्मार्ट विलेज” की अवधारणा प्रस्तुत की गई है।
मोहेंजोदड़ो की व्यवस्थित सोच
* योजनाबद्ध नगर
* सीधी सड़कें
* कुएँ
* जल निकासी व्यवस्था
* विकसित नालियाँ
* व्यवस्थित भवन व्यवस्था
* सामुदायिक जीवन
* जल प्रबंधन
* स्वच्छता
आधुनिक स्मार्ट विलेज की परिकल्पना
* योजनाबद्ध गाँव
* स्मार्ट सड़क नेटवर्क
* पाइपलाइन एवं जल टैंक
* वर्षा जल संचयन
* आधुनिक सीवेज एवं कचरा प्रबंधन
* आधुनिक एवं ऊर्जा-कुशल भवन
* सौर ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा
* आधुनिक एवं तकनीकी कृषि
* आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र
* स्कूल एवं डिजिटल शिक्षा
* डिजिटल तकनीक एवं स्मार्ट प्रबंधन
* हरित एवं स्वच्छ वातावरण
* व्यवसाय एवं रोजगार के अवसर
* बाजार एवं आवश्यक सेवाएँ
प्राचीन विचार और आधुनिक आवश्यकता
मोहेंजोदड़ो
↓
योजनाबद्ध नगर
↓
सीधी सड़कें
↓
जल प्रबंधन
↓
जल निकासी एवं स्वच्छता
↓
व्यवस्थित सामुदायिक जीवन
↓
आधुनिक तकनीक
↓
स्मार्ट विलेज
दोनों की मूल सोच
मोहेंजोदड़ो और स्मार्ट विलेज अलग-अलग समय की अवधारणाएँ हैं, लेकिन दोनों में व्यवस्थित और सामुदायिक जीवन की सोच को प्रमुख स्थान दिया गया है।
मोहेंजोदड़ो में प्राचीन समय की उपलब्ध तकनीक और संसाधनों के अनुसार नगर व्यवस्था विकसित की गई थी।
स्मार्ट विलेज में आधुनिक समय की तकनीक, ऊर्जा, डिजिटल सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यवसाय और ग्रामीण आवश्यकताओं को एक व्यवस्थित मॉडल में जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
स्मार्ट विलेज की मूल सोच
“अतीत की बुद्धिमत्ता से सीख लेकर आधुनिक तकनीक और व्यवस्थित योजना के माध्यम से भविष्य के गाँव की कल्पना।”
एक विचार से एक नई दिशा
मोहेंजोदड़ो ने हजारों वर्ष पहले यह दिखाया कि व्यवस्थित नगर निर्माण, जल प्रबंधन, सड़क व्यवस्था और सामुदायिक जीवन की योजना बनाई जा सकती है।स्मार्ट विलेज की अवधारणा इसी प्रकार की व्यवस्थित सोच को आधुनिक ग्रामीण भारत की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने का प्रयास है।
प्राचीन भारत की सीख
+
आधुनिक तकनीक
+
व्यवस्थित योजना
+
ग्रामीण आवश्यकताएँ
=
स्मार्ट विलेज
स्मार्ट विलेज
स्वच्छ • हरित • आधुनिक • आत्मनिर्भर भारत
“हमारे अतीत की सीख,
हमारे भविष्य का मार्ग।”
स्मार्ट विलेज क्या है?


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